Percussion Instruments

 1994 से संगीत संकाय के अन्तर्गत  अवनद्ध वाद्य विभागपृथक विभाग के रुप में कार्यरत है इस विभाग में डिप्लोमा से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पी-एच.डी.तक की शिक्षा दी जाती है।इस वर्ष से चतुवर्षीय बी.पी.ए.पाठ्यक्रम प्रारम्भ हुआ है। इस वर्ष  ब.पी.ए प्रथम सेमेस्टर में  छात्रों  की अत्यधिक  रूचि  देखे  गई  है।  प्रतीत  होता  है  की  चार  वर्शीय पाठयक्रम ने छात्रों को आकर्शित किया है। सदैव ही विभाग के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिता एवं कार्यक्रम  में  सफलता  प्राप्त  कर  ख्याति  अर्जित  की।इस  वर्ष   भी  अनेक  प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों में   विभाग   के छात्रों   ने सफलतापूर्वक      अपनी   प्रतिभागिता   निभायी। अन्तरविश्वविद्यालीन मध्य क्षेत्रीय युवा उत्सव, रायपुर के एकल तबला वादन प्रतियोगिता में श्री दिलीप  धनंजय  (एम.ए.चतुर्थसेमेस्टर)  तृतीय  स्थान,श्री  सुब्रत  कुमार  पटेल  (एम.ए.चतुर्थ सेमेस्टर) जिलास्तरीय युवा उत्सव, मंडला (म.प्र.)-2016 के एकलतबला वादन प्रतियोगिता में प्रथम  स्थान  एवं  संभागस्तरीय  युवा  उत्सव,  जबलपुर (म.प्र.)-2016  के  एकल  तबला  वादन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान,श्री दीपक दास महंत (एम.ए.द्वितीयसेमस्टर.) ने सोलहवाँ राज्य युवा उत्सव, कोरिया (बैकुण्ठपुर) के एकल तबला वादन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तथा अखिल भारतीय आकाशवाणी  संगीत  प्रतियोगिता-  2016, में  राष्ट्रीय  स्तर  की एकल  तबला  वादन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।दिनांक 01 नवम्बर, 2016 राज्य उत्सव, रायपुर के कार्यक्रम में विभाग विद्यार्थियों द्वारा ताल वाद्य कचहरी की सफल प्रस्तुति दी गयी।‘‘गौरव की विशय है कि कोल्हापुर में आयोजित अन्तरविश्वविद्यालीन  राष्ट्रीय युवाउत्सव में विभाग के छात्र  श्री दिलीप  धनंजय  (एम.ए.चतुर्थ सेमेस्टर) प्रथमस्थानप्राप्त  कर  विश्वविद्यालय  की कीर्तीपाताका को अक्षुण्ण रखा।इस  वर्ष  अवनद्ध  वाद्य  विभाग  के  विभागाध्यक्ष  प्रो.मुकुन्द  भाले माॅरीषसमें प्रदर्षनात्मक  व्याख्यान  दिये।विभाग  के सहायक-प्राध्यापकश्री  हरिओम हरि  ने  तिरूमाला तिरूपति  देवस्थानम्  (तिरूपति) द्वारा  आयोजितनादनीरंजनम्कार्यक्रम  मेंविदुशी  प्रो.कृश्णा चक्रवर्ती जी केसितार वादनतथा छत्तीसगढ़ शास्त्रीय  संगीत श्रोता समिति एवं गुरुकुल द्वारा आयोजित ’षाम-ए-रायपुर‘ कार्यक्रम में विदुशी श्रीमती मंजू मेहता जी केसितार वादन के साथ सफल संगति प्रदान की।श्री हरिओम हरि ने जवाहर नवोदय विद्यालय, डांेगरगढ़ द्वारा संगीत षिक्षकों के लिये आयोजित छह दिवसीय कार्यषाला में विशय विषेशज्ञ के रूप में भाग लिया। विश्वविद्यालय अनुदान  आयोग,  नयी  दिल्ली  की  अतिथि  अध्येता  योजना  के  अन्तर्गत अवनद्ध वाद्य विभाग, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ प्रो.डाॅ.जे.पी.पटेल दिनांक 13 सितम्बर, 2016 से 27 सितम्बर, 2016(कुल 15 दिवस) तकतथा पंडितविजय शंकर मिश्र दिनांक 15 मार्च,  2017  से  एक  सप्ताह  हेतुअतिथि  अध्येता  के  रूप में आमंत्रित  किये  गये। विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से संबंधित शंकाओ  पर इन्होंने अपने विचार प्रस्तुत किये।श्री सुशील कुमार जैन, चन्डीगढ द्वारा तबले के पंजाब घराने कीरचनाओं पर एक व्याख्यान मार्च, 2017 को दिया गया। इस अवसर पर विभाग के छात्रों की प्रस्तुतियों की श्री जैन ने भूरी-भूरी प्रशंसा की और इन्हें आशिर्वाद दिया।इनके आगमन से विभाग के विद्यार्थी एवं शोधार्थियों के साथ ही शिक्षकगण  भी  लाभान्वित  हुये।पूरे  सत्र  में  विभाग के  विद्यार्थियों  द्वारा  श्रुति  मंडल  पािक्षक कार्यक्रम में तबला एकल वादन तथा संगति प्रदान की गई।


 

FACULTY MEMBERS:-

Dr. Parth Chakraborty

 Designation :- Associate Professor & Head

 Mobile :- +91 09425566072

 Email Id :- [email protected]

 Dr. Parth Chakraborty


Mr. Hariom Hari

 Designation :- Assistant Professor

 Mobile :- +91 09451525847

 Email Id :- [email protected]

   Mr. Hariom Hari


 
 Shri S L Indurkar
 
 Designation :- Accompanist 
 
 Mobile :- +91 9425560573
 
 Email Id :- [email protected]
 

 Shri Shiv Kumar Tandiya

 Designation :- Guest Accompanist

 Mobile :- +91 9827854085

 Email Id :- [email protected]

  Shri Shiv Kumar Tandiya